सम्पन्नवुम् वैविध्यपूर्णवुमाय अतिन्टे परम्परागतसम्पत्तिल् ञान् अभिमानिक्कुन्नु। हांव सदांच ताका पात्र जावपाचो यत्न करतलों/ लीं. राष्ट्रियाणां योगक्षेमैश्वर्येष्वेवाहम् आत्मनस्तोषं कलयामि। میں ہمیشہ اس کے شایان شان بننے کی کوشش کرتا/کرتی رہوں گا/گی۔ हेमंत सोरेन सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली हेमंत सोरेन को राहत, गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका का निपटारा किया "अब जब https://www.samridhbharat.in/